रोम की सभ्यता

रोम की सभ्यता

का विकास यूनानी सभ्यता के अपकर्ष के बाद हुआ। यह यूनानी सभ्यता से प्रभावित थी। रोमन सभ्यता का केंद्र रोम नामक नगर था, जो इटली मेँ स्थित है। इटली मेँ एक उन्नत सभ्यता को विकसित करने का श्रेय रोग एट्रस्कन नमक एक अनार्य जाती को है।

द्वार 
यूनान की मुख्य भूमि और उसके द्वीप लगभग 4000 वर्ष ईसा पूर्व बस चुके थे। ई.पू. दूसरी सहस्त्राब्दी तक ईजियाई सभ्यता थी जहाँ से लोगों के मिस्र और एशिया माइनर से संबंध सुगम थे। लगभग 17वीं शताब्दी ई.पू. में बाल्कन क्षेत्र की ओर से ग्रीस और पेलोपोनसस्‌ पर आक्रमण हुए। सभी आक्रमणकारी जातियाँ- एकियाई, आर्केडी, इपोलियन, अपोली और आयोनी- ग्रीक भाषाओं से परिचित थीं। 

ई.पू. 1500 वर्ष तक मिनोई प्रभाव में एकियाई जाति ने ग्रीस से सभ्यता का विकास किया। माइसीनी युग, हीरो युग और होमर युग भी इस काल के नाम हैं। कहा जाता है कि ट्रोजन युद्ध, जिसकी कथा को लेकर होमर ने अपने विश्वप्रसिद्ध काव्य 'इलियड और ओडिसी' लिखे, एकियाई तथा अन्य ग्रीसवासियों के बीच ई.पू. 12वीं शती में लड़ा गया था। 

ई.पू. 1100 में डोरियाई जाति ने ग्रीस पर आक्रमण कर पुरानी सभ्यता नष्ट कर दी और अपना केंद्र पेलोपोनेसस्‌ बनाया। एकियाई लोगों में से कुछ उत्तरी पश्चिमी यूरोप की ओर भागे, कुछ ने दासवृत्ति अपना ली। आयोनी और अपोली, ईजियाई द्वीपसमूह और एशिया माइनर की ओर चले गए। ई.पू. 1000 तक संपूर्ण ईजियाई क्षेत्र में ग्रीक भाषी लोग बस चुके थे।


1000-499 ई.पू. में मुख्य रूप से ग्रीक नगर-राज्यों की स्थापना हुई और जातिभेद चेतना का प्रादुर्भाव हुआ। प्रांरभिक हेलेनिक राज्यों का शासन राजाओं द्वारा होता था। शनै: शनै: राजतंत्र में परिवर्तित हुआ। कुलीनतंत्र में राजनीतिक समानता प्राय: नहीं थी। लगभग 650 ई.पू. में सामाजिक और राजनतिक संघर्षों ने इस कुलीन तंत्र को उखाड़ फेंका और अधिनायकवादी शासन की स्थापना हुई। केवल स्पार्टी में ही कुलीन तंत्र बन सका। कुछ अधिनायकवादी शासकों ने अवश्य ही कला, साहित्य, व्यापार और उद्योग की उन्नति की, किंतु जब अधिनायकवाद जनपीड़न की स्थिति में पहुँचा तो उसका भी अस्तित्व ई.पू. 500 तक मिट गया। 

ई.पू. 750-500 तक व्यापारिक और राजनीतिक कारणों से इटली तथा सिसली के कई भागों में ग्रीकों ने उपनिवेश बसाए। इनके उपनिवेश व्यापार के प्रसार की दृष्टि से स्पेन और फ्रांस तक भी फैले। कुछ दिन तक ग्रीकों का प्रसार मिस्त्र की ओर रुका रहकर, किन्तु लगभग 7वीं शताब्दी ई.पू. में व्यापार की समस्य से सुगम हो गया। वहाँ ग्रीकों ने 'नाक्रेतिस' नगर बसाया। इसके बाद थ्रोस आदि अनेक स्थानों पर उपनिवेश बसे। ये उपनिवेश अपने मुख्य राज्य से केवल भावात्मक संबंध रखते हुए, राजनीतिक रूप से स्वतंत्र थे। केवल कुछ, जैसे एपिडाम्नस, पेलोपोनिया, अंब्रासिय आदि कोरिंथ के उपनिवेश, राजनीतिक रूप से स्वतंत्र नहीं थे। सिराक्यूज़ और बैजंटियम अत्यंत संपन्न उपनिवेशों में थे। समान्य धार्मिक भावना के कारण इन सारे उपनिवेशों में एकता कायम रही। डेल्फी में अपोलो ग्रीकों का मुख्य धार्मिक केंद्र था। 

वस्तुत: 7वीं और 6ठी शती ई.पू. का काल सांस्कृतिक विकास और बौद्धिक जागरण का काल था।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

Use of Instead, use Of besides,use Of participle in English Grammar

पानीपत का प्रथम युद्ध (1526)

अर्थ्यवस्था में प्रसिद्ध व्यक्तित्व